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Oct 6, 2015

How to Became a Lady Successful in Business (Struggle of Jyoti). 5 रूपये थी आमदनी और आज Company की CEO

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कहते है न भैया - जहां चाह है वहां राह है | जी हाँ ऐसी ही कोई वास्तविक स्टोरी मैं आज आपके साथ शेयर करने जा रहा हु |ये जो आप तस्वीर देख रहे है वो है - ज्योति रेड्डी (एक आईटी कंपनी की  CEO)| ज्योति का जन्म वारंगल के एक गरीब परिवार में हुआ था | बचपन में ही उनकी माँ का देहांत हो गया था इसलिए परिवार वालों ने उनको एक अनाथालय में छोड़ दिया ताकि वहा उनका भरण पोषण हो सके | जैसे तैसे करके अनाथालय में रहकर ज्योति ने कक्षा 10  की पढ़ाई पूरी की | अब आगे पढने के लिए उनके पास पैसा नहीं था | वाही खेतो में मजदूरी करने लगी जहा उनको 5 रूपये मजदूरी के रूप में मिलते थे  लेकिन ज्योति को यह रास नहीं आया | अब ज्योति की  16  साल की उम्र में ही अपने से  10 साल बड़े व्यक्ति के साथ  शादी कर दी गई थी और २ साल में ही  अर्थान  18  साल की उम्र में ही ज्योति  2 बच्चों की माँ बन चुकी थी | घर की आरती स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ज्योति और उनके पति में रोजाना किसी न किसी बात को लेकर झगडे होते रहते थे | 
ज्योति अपने बच्चों को एक अच्छी ज़िन्दगी देना चाहती थी | उन्होंने एक एडल्ट एजुकेशन टीचर के रूप में एक स्कुल में पढ़ाना  प्रारंभ किया जहा उन्हें 120 रूपये मासिक आमदनी होती थी | ज्योति का कहना था की वो  120 रूपये उस समय मेरे लिए काफी थे जिससे की वो अपने बच्चों के लिए दूध और फल खरीद सके | 

इसके बाद उन्होंने नेशनल सर्विस वालंटियर के रूप में कार्य करना प्रारंभ कर दिया जहा उन्हें  200  रूपये मासिक आमदनी होने लगी |  परिवार के विरोध  के बाद भी ज्योति गाव से बहार चली गई और उन्होंने एक टाइपिंग इंस्टिट्यूट में प्रवेश लिया जहा उन्होंने क्राफ्ट का कोर्स किया | अब पेतीकोअत सिलकर ज्योति रोज 20-25  रूपये अलग से कमाने लगी थी | वहां उनको लैब्ररियन के रूप में भी नौकरी मिल गई | इसके बाद उन्होंने एक ओपन स्कूल ज्वाइन कर वहा से अपनी आगे की पढ़ाई शुरू की |
1992  में वारंगल से  70 किलोमीटर दूर एक स्पेशल टीचर की नौकरी मिली | लेकिन इतनी दूर आने जाने में उनको बहुत ज्यादा खर्चा होता था | इसका भी उपाय ज्योति ने धुंध निकाला | इसके लिए उन्होंने ट्रेन में ही साड़िया बेचनी शुरू कर दी |  1994 में उन्हें लगभग  2700  रूपये महीने की एक स्थाई जॉब मिल गई |

धीरे धीरे आगे बढ़ने वाली ज्योति जब युएस में रहने वाली अपनी चचेरी बहिन से मिली तो वो उसकी लाइफ स्टाइल से काफी प्रभावित हुई | इसके बाद ज्योति ने कोई सॉफ्टवेर कोर्स करने का फैसला किया और सन 2000  में वो  US  पहुच गई |  वहां उन्हें 12  घंटे में $60  वाली एक जॉब मिली | इसके बाद वहां उन्हें  Software Recruiter  की नौकरी का ऑफर आया किन्तु अंग्रेजी अच्छी नहीं होने के कारण वे वह जॉब नहीं कर सकी |

आज ज्योति एक सॉफ्टवेर सलूशन कंपनी की CEO  है | यह  $15 मिलियन की आईटी कम्पनी है |
इतने बड़े सफलता के मुकाम पर पहुचने के बाद भी ज्योति अपने पुराने दिनों को भूली नहीं है वह आज भी अपने पुराने दिनों को यद् करती है और अनाथालय में रहने वाले बच्चों के लिए काम करना चाहती है | और कई तरह की चैरिटी में भी हिस्सा लेती रहती है |