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Sep 17, 2018

September 17, 2018

How to Start Real Estate Property Business ? How to Become Successful in Real Estate Business?

how to invest in real estate with no money
दोस्तों, Real Estate यानी Property Business आज के समय में सबसे तेज़ी से Grow करने वाला Business है. इसी के बारे में आज हम बात करने वाले है. Real Estate Business  को दुनिया के Top Business में गिना जाता है. यहां तक कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Donald Trump भी इस Field के बहुत बड़े खिलाड़ी है. जैसा कि हम जानते है इस Field में अथाह पैसा है. अब बात आती है कि आप Real Estate में अपने भविष्य कैसे बना सकते है.
Real Estate Business में जाना थोड़ा मेहनत वाला काम होता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि आप यह काम नहीं कर पाएं। आज जो भी लोग Real Estate में Success हुए हुए है, उन्होंने भी कहीं न कहीं से शुरूआत तो करी  होगी, ऐसा नहीं है कि उन्हें घर बैठे सफलता मिल गयी। एक बात हमेशा ध्यान में रखियेगा। कोई भी Business अपने आप Success नहीं होता, उसे Success करना पड़ता है.
Real Estate में अपना Carrier कैसे बनाएं?
Real Estate Consultant या  Property Dealer बनकर आप यहां पर अपना भविष्य बना सकते है. इस Field में शुरुआत में यदि आप थोड़ी मेहनत कर लेते है तो आपका भविष्य सुनहरा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्युकी शुरुआत में आपके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते कि आप Real Estate का काम करते है. लेकिन जब लोग आपके Business के बारे में जानने लग जाएंगे तब आपकी मेहनत काम होती जाएंगी और एक समय आएगा जब लोग खुद आपको ढूंढते आपके पास आएँगे। यही कमाल है इस Business का। 
कौन होता है Real Estate Agent/ Property Broker/ Real Estate Consultant या Property Dealer

Real Estate या Property Delaer उस व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी  दूकान , मकान , जमीन की बिक्री कराने या फिर उसे किराए पर देने के लिए या लेने के लिए लोगो की Help करता है. यानी हम कह सकते है कि  Buyer और Seller के बीच Deal कराने का काम करता है. 

Buyer और Saler के बीच सौदा पक्का कराने का, एक Real Estate Agent को पैसा मिलता है यह पैसा कुछ हज़ार से लेकर लाखो में हो सकता है. और हां सबसे बड़ी बात इस Field में काम करने के लिए आपको किसी Degree या Diploma की जरुरत नहीं होती है. आज ऐसे कई सारे Property Dealers इसी काम के लाखो रुपए कमा रहे है.
Real Estate Agent को कितना Commission या Brokerage मिलती है
जब भी एक Property Dealer या Real Estate Agent किसी को कोई Property Rent पर दिलवाता है तो वह दोनों पार्टीयो से (Ower से और Tenant से) Commission लेता है. और यह Commission आधे महीने से लेकर 2 महीने का किराया हो सकता है. इसके अलावा यदि Property Agent के द्वारा Property की खरीदी-बिक्री करवाई जाती है तो उसमे भी Agent को आधे से लेकर  2% Commission की कमाई होती है.

 दोनों तरफ से जब यह पैसा लिया जाता है तो Property Agent के हाथ एक ही Deal में अच्छी खासी रकम हो जाती है. इस प्रकार से आप महीने में कम से कम 5 Deal भी करवा देते है तो आप शानदार Income बना सकते है. ध्यान दीजिये मैं कम से कम 5 Deal की ही बात कर रहा हु ज्यादा से ज्यादा तो आप कितनी भी Deal करवा सकते है.
Real Estate Agent का क्या काम होता है?
यदि आप Real Estate को अपना Carreer बनाना चाहते है तो आपको इन बातो का ध्यान रखना पड़ेगा (जरुरी नहीं कि निचे दिए गए सारे काम आपको करने ही पड़ेंगे। यह आपके ऊपर Depend करता है.)-


सबसे पहले Property खोजना- आपको अपने आस-पास के Area में ऐसी Property का पता होना चाहिए जो की बिकाऊ हो. 


इसके बाद आपको उस Property के Owner से मिलना है और अपनी Deal या Commission Fix करना है.

इसके बाद आपको उस Property के लिए Customer की खोज करनी है. इसके बाद Customer को Property Visit कराने का काम भी आप ही का होगा।

 Property के मालिक की जो भी शर्ते हो वो Customer को बताना और Customer की जो भी शर्ते हो वो Owner को बताना। 

यदि Rent के लिए बात हो रही हो तो रख-रखाव, रंग-रोगन, मरम्मत आदि के बारे में Customer से बात करना। 

यदि Rent के लिए Deal Final  हो जाती है तो Customer और Owner के बीच RentAgreement Ready करवाना। 

और यदि प्रॉपर्टी खरीदी-बेचीं जा रही है तो Registry Office में जाकर  Property की Registry करवाना।

उस Property से Related Papers Ready करना।

मकान खाली होते वक्त यह चेक करना कि जब यह किराए से दिया गया था उसी हालत में है या नहीं।

बिजली व पानी का Bill जमा है या नहीं। आदि
नोट- यदि आप एक Deal को अच्छे से करते है तो वे दोनों Customers आपके साथ लम्बे समय तक बने रहेंगे।और आपकी Mouth Publicity भी होगी।
Real Estate में सफल कैसे बनें
Real Estate एक ऐसा Business या Field है जिसमे आप बिना पूंजी लगाए ढेर सारा पैसा  बना सकते है. यदि आप Property या Real Estate के Business में सफल होना चाहते है तो आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण Tips दी गयी है इन्हे ध्यान से पढ़ें-

इस Field में सफल होने के लिए वैसे तो कई सारी संस्थाएं Course करवाती है लेकिन मैं आपको एक बात बता दू , इस Field में काम करने के लिए अनुभव से बढ़ा कुछ भी नहीं है. इस काम में शुरुआत थोड़ी धीमी ही होती है लेकिन जब शुरुआत हो जाती है तो इसकी Ending नहीं होती, सीधा धमाका ही होता है. 

इस Field में काम करके आप अपनी ज़िंदगी के सारे सपने पुरे कर सकते हो, वो भी बिना कोई पैसा लगाए। 

Real Estate का काम शुरू करने के लिए मैं आपको कुछ बेहतरीन Books के बारे में बता रहा हु जिससे आपको बहुत कुछ सिखने को मिलेगा- 
1.   Real Estate Evam Estate Planning
5.  How to Buy a House
Real Estate Business start करने के पहले अनुभव लेना जरुरी होता है इसलिए आप कम से कम 1 साल किसी के साथ या किसी के Under में रहकर यह काम करें। और उस दौरान आपको यह ध्यान रखना है कि बिकाऊ और किराए के लिए Property कैसे ढूंढी जाए, Customers कैसे ढूंढे जाए. Property के लिए कौन-कौन से Documents जरुरी होते है. साथ ही वर्ग फ़ीट, एकड़ वर्गमीटर , बीघा आदि का सही Knowledge आपको होना चाहिए।
इस Field में काम करने के लिए आपके पास अच्छी Communication Skill होनी चाहिए।यदि आप लोगो से विनम्र या Politely बात नहीं करेंगे तो आपसे कोई भी बात करना पसंद नहीं करेगा। आज मार्केट में कई सारी अच्छी अच्छी Books है जिन्हे खरीदकर आप अपनी Communication Skills को Develop कर सकते हो और ये Books आपको हर क्षेत्र में मदद करेगी। Communication Skills सुधारने के लिए नीचे कुछ Important Books के नाम दिए गए है-
इस Field में Success होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि  आपको लोगो का दिल जितना होगा और यदि आप लोगो का दिल जितने में कामयाब हो गए तो फिर इस Business के Master कहलायेंगे। लोगो का भरोसा कायम रखने के लिए आप अपना एक छोटा सा Offce Open करें और वह अपनी बैठक बनाएं ताकि आपके ऊपर लोगो का Trust बन सके.
बिकाऊ या किराए की प्रॉपर्टी कैसे ढूंढे 
सबसे पहले तो आपको अपना एक Area Choose करना होगा कि, कौन से Area में आप अपना Business करना चाहते है,बाद में यह Area धीरे धीरे बढ़ाते जाइएगा।
अब आपके पास एक 2 Wheeler और हाथ में Mobile होना चाहिए। और पूरे Area में आपको Searching कर लेना है कि कौन सी Property बिकाउ है और कौन सी Property Rent के लिए है. शुरुआत में छोटा Area पकडे और उसकी अच्छे से छानबीन कर लें. और सारी Property की एक List Ready कर लें.

रोजाना अखबार पढ़ने से आपको काफी सारी Property के बारे में पता चल जाएगा.

Internet पर भी ऐसी कई सारी Websites है जहा पर आपको आपके Area की Property के बारे में पता चल जाता है. जैसे- Olx, Quikr, Magic Bricks, 99 Acres आदि। 

इसके अलावा Facebook Whats App के द्वारा भी अच्छी खासी जानकारी आपको मिल सकती है. इसके लिए आपको Social Media पर Active रहना पड़ेगा क्युकी यही से आपको Customers भी मिलने वाले है.
इस प्रकार आपको कई सारी Properties का Database Ready करना है और जब भी आपको कोई Customer मिले तो आपके पास कई सारे Options रहेंगे अपने Custmer को दिखाने के लिए.

आपका Office ऐसी जगह होना चाहिए कि कोई भी Customer आप तक Easily पहुंच सके.

इसके अलावा आप अपनी खुद की Website बनाकर भी उन Properties को अपनी Website पर List करवा सकते हो. और अपनी Website जी Social Media पर Share करके भी आप अपने लिए Customers ढूंढ सकते हो. Website आप Free में भी बना सकते हो

यदि आप इस Business में थोड़े से भी ढीले पड़े या थोड़ा भी आलस किया तो समझ लीजिये कि आपका Business या जो Deal आपके पास आने वाली थी वो किसी और के पास चली जाएगी। 


Real Estate के बारे में तो हम जितनी बाते करे उतनी कम है, लेकिन आज की Post में बस इतना ही यदि आपको हमारी यह Post पसंद आई होतो Please Like Share और Comment जरूर करें। धन्यवाद। 

Aug 20, 2018

August 20, 2018

How to start Sanitary Napkin manufacturing project plant Business. घर बैठे कम बजट में सनेटेरी नेपकिन का काम कैसे शुरू करें ?

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Hello Friends, Aaj is post me hum ek new business ki bat karenge. Aur yah business sanitary napkins manufacturing ke bare me hai. Vaise to hamari Govt. startup ko badhava de rhi hai aur Yuvaao ko naye naye business start karne ke liye kaafi support kar rhi hai. Aise me aaj hum jis sanitary napkin manufacturing unit ki bar kr rhe hai usme bhi humko Govt. ki or se Mudra Scheme ke behalf pr 90% loan mil skta hai. Yadi aapke paas only 15,000/- Rs bhi hai to aap yah business apne ghar pr aasani se shuru kar skte hai.
Sanitary Napkin manufacturing unit aap apne ghar me 16 by 16 ke room me start kar skte hai. Aage mai aapko puri process bataunga. So aap is post ko dhyan se padhe. Jaisa ki aap Mudra Scheme ki website check kr skte hai. Vha par 27 projects report ready ki gai hai. In sabhi 27 projects me loan ki facility rakhi gai hai. Yaani yadi hum in 27 me se koi bhi 1 project bhi shuru karte hai to hum achha khasa loan mil skta hai aur hum apna startup easily start kar skte hai. Mudra Scheme pr aap in sabhi 27 projects ki list aur project report dekhne ke liye yaha click kare. Index me aapko 24 number pr Sanitary Napkin project ka name mil jayga aur page no. 167 pr aapko is project ki detail mil jaygi.  Is project se aap 1st year 1 lac ka profit le skte hai jo ki next year above 2 lac ho jayga. Jaisa ki hum jante hai ki Indian Govt ne Sanitary Napkins ko GST se bahar kar diya hai to aise me humara profit aur bhi bada ho skta hai.



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Yadi aap Sanitary Unit start karna chahte hai to aapko lagbhag ek 16 by 16 size ke room ki jarurat hogi. Mudara Yojna me jo Sanitary Napkin project ke bare me bataya gya hai usme daily 1440 Napkins manufactur karne wali machine ke bare me bataya gya hai. Aur ek packet me 8 napkins aate hai to is hisab se 180 packets ki manufacturing ek din me ho skti hai. Aur is unit ki total jo cost aati hai vo lagbhag 1 lac 45000 Rs. ka kharcha aata hai. Aur 90% loan yaani 1 lac 30,000 Rs aapko Govt de rhi hai to aise me humko apni pocket se only 15000/- Rs lagane ki hi jarurat hai.
Kaun Si Machines Leni hogi
Jaisa ki Mudra Scheme website pr report di gai hai us report ke according ye machine aapko Leni hogi-


Item Name Number Value
Defiberation Machine for grind wood pulp 1 19,500/- Rs
Core Morning Machine 1 5,500/- Rs
Soft Touch Sealing Machine 1 28,000/- Rs
Napkin Core dies  5 3,125/- Rs
UV Treat Unit 1 10,400/- Rs
Installation of Machinery and training fees 3,000/- Rs

Total Cost - 69,525/- Rs
Other Accessories-
Item Name Number Value
Weighing Scale (To weigh wood pulp) 1 1,000/- Rs
Work Table 2 2000/- Rs
Plastic Buckets and Trays 5 500/- Rs

Total Cost - 3,500/- Rs

Raw Material Per Month

Wood Pulp, Top Layer, Back Layer, Release Paper, Gum, Packing Covers

Report ke according, raw material lagbhag 36,000/- Rs me humko mil jayga.
Production me kitni laagat aayegi
Mudra Scheme me di gai report ke according per day  1440 nakins bnenge aur 1 packet me 8 napkins pack kiye jate hai yaani ek din me 180 packets ka production hoga. Aise me yadi 300 din kaam kiya jaye to 300 days x 180 packets = 54000 packets.


Expenses Name Value
Raw Material 43 lac (approx)
Salary & Wages 84,000/- Rs
Administrative Expenses 27,000/- Rs
Depreciation on Fixed Assests 8,000/- Rs (Approx)
Insurance 800/- Rs (Approx)
Repairs & Renewals 4,000/- Rs (Approx)
Interest on Capital 18,000/- Rs (Approx)
Selling Expenses 16,200/- (Approx)

Total Expenses => 5 Lac 90,000/- Rs
Report me anuman lagaya gya hai ki yadi as a wholesaler per packaet ka price 13 Rs. rakha jaye to Total 7,02000/- Rs. ki sale hoti hai. Ab isme se 5 Lac 90,000/- (Expenses) ko kam kar diya jaye to 1st year ka humara proft ho gya 1 Lac 10,000/- Rs.
Ab next year to hume bar bar same machine kharidne ki jarurat nahi padegi to iska matlab Next year humara profit kaafi adhik hoga.

So friends, Aapko yah post kaisi lagi please comment karke jarur bataye aur Sadupayog Blog pr aap next post kon si padhna chahte hai comment karke jarur bataye. Milte hai humari next post me. Apna Khayal rakhiyega. Jai Hind.

Aug 17, 2018

August 17, 2018

Former PM Shri Atal Bihari Vajpayee Biography. एक महान पुरुष श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुडी कुछ ख़ास बातें।

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हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा 
काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ 
गीत नया गाता हूँ, गीत नया गाता हूँ। 
इसी तरह की कई सारी कविताओं से लोगो के दिलो पर राज करने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी अब हमारे बीच नहीं रहे। लम्बे समय से बीमार चल रहे श्री अटल जी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती किया गया था.लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर तबियत कुछ ज्यादा बिगड़ जाने से अब वे हमारे बीच नहीं रहे. 16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
 श्री अटल जी एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जिनके विरोधी भी, उनका सहृदय सम्मान करते है. राजनीती में अपनी मेहनत, लग्न और दृढ़ निश्चय से उन्होंने दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई। अपने सटीक शब्दों के द्वारा लोगो तक अपने विचारो को पहुंचाने की इस अद्भुत कला ने ही उनको राजनीती में एक अलग पहचान दिलाई।

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 वैसे तो इस महान शख्सियत की महान जीवनगाथा को कुछ ही शब्दों में समेत पाना बेहद ही मुश्किल है। लेकिन फिर भी इस पोस्ट के माध्यम से हम, हम सबके आदर्श श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की कुछ मुख्य कड़िया जानने की कोशिश करते है. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राहम्मण परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी था, व उनकी माता का नाम  श्रीमती कृष्णदेवी था। उनके पिता पेशे से एक अध्यापक के साथ-साथ एक प्रसिद्द कवि भी थे. 
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अपने पिता  की कविताओं से प्रेरित होकर ही अटल जी में भी एक कवि की भांति कविताएँ लिखने की भावना जागृत हुई। अटल जी की शुरूआती पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर, व गोरखी बाड़ा ग्वालियर में हुई। Graduation की पढाई के लिए उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में Admission लिया और इसके बाद DAV College Kanpur से उन्होंने Master Of Arts (MA) में अपना Post Graduation किया। अटल जी को शुरू से ही राजनीती में काफी रूचि थी. इसीलिए जब वे 15 वर्ष के थे तब उन्होंने RSS (राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ) Join कर लिया। 1942 में भारत छोडो आंदोलन में उनको गिरफ्तार भी किया गया और इसी के चलते 23 दिन उनको जेल में रहना पड़ा। 
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ऐसा माना जाता है की सन 1944 से अटल जी का राजनीती में एक सक्रिय नेता के तौर पर आगमन हुआ. जब उन्हें ग्वालियर के एक आर्य समाज मंदिर समिति ने उन्हें अपना महासचिव घोषित किया। हालांकि RSS के साथ तो अटल जी पहले से ही जुड़े हुए थे. इस समय अटल जी की उम्र 20 वर्ष हो चुकी थी. और यही वह समय था जब अटल जी ने यह निश्चय किया कि देश की सेवा के लिए वे कभी भी शादी नहीं करेंगे। आगे चलकर 1947 में जब हमारा देश आज़ाद हुआ था, तब अटल जी RSS के एक Full Time  प्रचारक बन चुके थे. इसी वर्ष उन्हें RSS का विस्तारक बनाकर उत्तर प्रदेश भेज दिया गया. यहाँ रहते वे देश के कई समाचार पत्रों के लिए लिखने भी लगे थे जिससे उनका कद धीरे-धीरे और बढ़ने लगा. अटल जी सभी की नज़रों में एक उभरते हुए सितारे की तरह चमकने लगे थे.

सन 1957 में श्री अटल जी ने भारतीय जन संघ पार्टी में रहते हुए मथुरा
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और बलरामपुर 2 जगहों से चुनाव लड़े. मथुरा से तो वे चुनाव नहीं जीत सके लेकिन बलरामपुर से उन्होंने जीत हासिल की. अटल जी के भाषणों में शब्दों का सटीक चयन को देखते हुए उस वक्त के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी उनके कायल हो गए. नेहरू जी ने उनके भाषणों को सुनकर कहा था की - "अटल जी एक दिन जरूर भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे।" इधर 1968 में दीन दयाल उपाध्याय के निधन के पश्चात, अटल जी भारतीय जनसंघ पार्टी के मुखिया चुन लिए गए थे. और अब इस पार्टी को आगे ले जाने की बागडोर अटल के कंधो पर आ गई। 


सन 1975 से सन 1977 तक आपातकाल के दौरान देश के कई नेताओ को गिरफ्तार किया गया जिसमे अटल बिहारी वाजपेयी भी थे. 1977 में आपातकाल के दौरान जब चुनाव कराए गए तब जनता दल पार्टी द्वारा सरकार बनाई गई।  इस पार्टी की तरफ से श्री मोरार जी देसाई को प्रधानमंत्री बनाया गया और विदेश मंत्री के तौर पर अटल जी को जिम्मेदारी सौपी गई। भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी एक मात्र ऐसे व्यक्ति जिन्होंने सन 1977 में  United Nations General Assembly (संयुक्त राष्ट्र महासभा) में हिंदी में भाषण  दिया था।  इससे पहले ऐसा किसी भी नेता द्वारा नहीं किया गया.
लेकिन जनता दल द्वारा बनाई गई सरकार ज्यादा आगे तक नहीं जा पाई
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और सन 1979 में जनता दल द्वारा बनाई गई सरकार गिर गई. इसके बाद सन 1980 में अटल जी ने अपने श्री लालकृष्ण आडवाणी और भेरौ सिंह शेखावत के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की और पार्टी के प्रथम अध्यक्ष के तौर पर अटल जी को ही चुना गया. पार्टी द्वारा ज्यादा से ज्यादा लोगो को अपने साथ जोड़े जाने का प्रयास किया गया. लेकिन जब सन 1984 में चुनाव हुवे तब भारतीय जनता पार्टी को मात्र 2 सीटों ही विजयी प्राप्त हुई. लेकिन इससे अटल  जी को ज्यादा कोई फर्क नहीं पड़ा उन्होंने बिलकुल भी हार नहीं मानी और उन्होंने अपने काम पर ध्यान दिया। वे पार्टी को और गर्म जोशी से मज़बूत करने में लगे रहे.

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सन 1996 में जब देश में चुनाव हुए तब भारतीय जनता पार्टी या यूँ कहें की अटल जी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 16 मई 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी जी पहली बार भारत के प्रधानमंत्री बने। लेकिन यह गठबंधन वाली सरकार ज्यादा आगे तक नहीं बढ़ पाए और सिर्फ 13 दिनों के कार्यकाल के बाद अटल जी ने इस्तीफा देकर सरकार गिरा दी. 1998 में देश में एक बार फिर चुनाव हुए और फिर BJP ने NDA के साथ मिलकर सरकार बनाई। चूँकि गठबंधन की सरकार होने के कारण यह सरकार भी अपने मिशन को ज्यादा आगे तक नहीं खींच पाए और मात्र 13  महीनो में ही यह सरकार भी गिर गई. इसी कार्यकाल के दौरान अटल सरकार द्वारा पोखरण में न्यूक्लियर टेस्ट करने के आदेश दिए गए थे. 

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1998 में सरकार गिरने के कुछ समय पश्चात पुनः चुनाव कराए गए. और इस बार BJP की Leadership वाले NDA गठबंधन को 303 सीटें मिली और एक बार फिर यानी तीसरी बार 13 October 1999 को अटल जी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस बार उन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सत्ता में रहते व सत्ता के बाहर रहते कई सारे कल्याणकारी कार्य किये। इस कारण वे सभी के दिलो में बसते थे. अटल जी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में काफी मज़बूती आई.

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जब 2004 में देश में चुनाव हुए तब BJP सरकार नहीं बना पाई. हालांकि अपनी उम्र को देखते हुए उन्होंने राजनीती से संन्यास लेने की योजना बनाई। आज दूसरी राजनैतिक पार्टियों के लोग या यूँ कहें की उनके विरोधी भी, उनके द्वारा किये गए जन कल्याणकारी कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें याद करते है. उनके द्वारा देश हित में किये गए कार्यो के लिए उनको 2015 में भारत रत्न से भी नवाज़ा जा चूका है. आज भले ही श्री अटल जी हमारे बीच न रहे हों लेकिन वे हमारे दिलो में हमेशा जीवित रहेंगे। उनके जीवन की गाथा, उनकी देश भक्ति व देश के प्रति सोंच आज हम उनके द्वारा लिखी गई कई सारी कविताओं में पढ़ सकते है. महान व्यक्तित्व के धनि स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। 
जय हिन्द।

Aug 9, 2018

August 09, 2018

Every Indian Should know about our National Flag "Tiranga" : तिरंगे के बारे ये बात हर भारतीय को पता होना चाहिए।

National-Flag-Tiranga-Designer-Name
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Hello Friends, Jaisa ki hum jante hai ki 15 August ko hum Independence Day celebrate krte hai aur 26 Januray ko hum Republic Day celebrate karte hai. Vaise to hum apne TIRANGE ka kaafi respect karte hai lekin kya hum Tirange se judi kuchh khas baato ke bare me jante hai.

Aaj hum Tirange se judi kuchh khaas jankari aapke sath share karenge. Aur aap is post ke last me comment karke bataiyega ki kya aapko in sabhi ke baare me pahle se pata tha ya is post ko padhne ke bad pata chala. Tirange ke bare me ye sari bate hum sabhi Indians ko janna behad jaruri hai. To chaliye shuru karte hai.

National-Flag-Tiranga-Designer-Name
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Hmare National Flag ko 22 July 1947 ko chuna gya tha. Jise hum Tiranga bhi kehte hai. Tirange  ko design karne wale ka name Mr. pingali venkayya tha. Pingali Venkayya ji ek farmar the aur sath hi vo ek FREEDOM FIGHTER  (Swatantrata Senani) bhi the.
Hamare National Flag ko sirf aur sirf KHAADI se hi banaya ja skta hai aisa Indian Law kehta hai. Tirange ko banaane ke liye hum KHAADI ke alawa koi dusra kapda use nhi kar skte hai. Tirange ko banaane ka kaam Khadi & Village Industries Commission (खादी और ग्रामोद्योग आयोग) ko diya gya hai.

National Flag me 3 colors hone ki vajah se hum ise Tiranga  bhi kehte hai. Aur ye tin colors hai - Orange, White, Green.Aur in tino colors ka alag alag meaning bhi hai. Jaise-

Orange (Kesariya)- orange color Saahas aur balidan ka pratik hai. Yah color desh ke prati sahas aur himmat ko identify karta hai.

White (Safed)- White color Shanti aur Sachhai aur Imaandari ko identify karta hai. White color Tirange me Orange aur Green ke bich me rehta hai. Iske alawa White color ko Swachhta aur Gyan ka pratik bhi mana gya hai.

Green (Hara)- Iske baad ab baat aati hai Green color ki. Yah color Tirange me sabse niche yaani orange aur white color ke niche hota hai. Green color ko Sampannta, Hariyali, Vishwas aur pragati ka pratik mana gya hai.
India Flag ko har koi nahi bana skta hai. tiranga banane ke liye license lene ki jarurat hoti hai. Aur ye licence India me sirf ke hi sanstha ke pass hai. Bangaluru se 420 KM distance par Hubali  namak jagah par ek santha Tiranga banane ka kam karti hai. Tiranga 2:3 ke ratio me banaya jata hai. Yaani jitni iski width (चौड़ाई ) hogi usse 3/2 guna iski length (लम्बाई) honi chahiye. Tirange me tino colors (Orange, White, Green) ki patti ko ekdum barabar rakha gya hai.


National-Flag-Tiranga-Samrat-Ashok-Stambh
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Tirange ke bichobich white color ki patti me ek blue color (Neela rang) ka circle banaya gya hai jisme 24 Tiliya banai gai. Ye Neele rang ka chakra Samrat Ashok ke Simha Stambh (सम्राट अशोक के सिंह स्तम्भ से) se liya gya hai.

So friends, Tirange ke bare me maine aapko kuchh rochak jankariya batane ki koshish ki. Yadi aapko iske bare me kuchh puchhna ho ya fir koi advice dena ho to please comment karke bataye. Aur Is post ko adhik se adhik share karein. Thank You.

Jul 27, 2018

July 27, 2018

Why and How Nathuram Godse Killed Mahatma Gandhi?15 August Special: नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी को कैसे मारा?

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Hello Friends, 15 August, Independence Day aane wala hai aur isiliye maine socha ki kyu na Mahatma Gandhi se judi koi post likhi jaye. To aaj hum is post me janenge ki hamare Rashtra Pita Mahatma Gandhi ki maut kyu aur kaise hui, aur iske liye kaun zimmedar hai. Dosto jaisa ki humne pichhli post me padha tha ki Mahatma Gandhi ne jab apna ASAHYOG ANDOLAN vapas le liya tha tab desh ke kai sare krantikaariyo ko yah baat thik nahi lagi thi.Yadi aapne humari Chandra Shekhar Azad aur ASAHYOG ANDOLAN se sambandhit pichhli post nahi padhi hai to use padhne ke liye yaha click kare.

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Yah post likhne ke pahle mai aap sabhi se yah kehna chahunga ki is post me jo bhi jankari likhi gai hai vo Nathuram Godse aur Vinayak Karkare ke Bayaano ke aadhar par likhi gai hai. Is post me apne man se kuchh bhi nhi likha gya hai. 15 August 1947 ko jab humara desh azad hua tha tab desh ki janta ko bahut khushi thi lekin jitni khushi desh ki azadi ki thi utna hi dukh tha Bharat aur Pakistan ke alag hone ka. Desh me jagah jagah dange ho rhe the. Delhi bhi isse achhuti nahi rahi, yaha bhi dange ho rhe the. Bharat  aur Pakistan ke bich aane jaane wali trains me kai laashe mil rhi thi. Azadi aur desh ka batwaara ek sath aaya. Nathuram Godse, Vishnu Ramkrishn Karkare aur Narayan Apte ki nazro me batwaare ke liye Gandhi Ji zimmedar the. Nathuram Godse me iske liye sbse jyada gussa tha. Iske liye inhone Mahatma Gandhi ko marne ki planing banai. 20 January 1948 ko Mahatma Gandhi par sabse pahla hmala hua. Ye Hamla Nathuram Godse ke bhai Gopal Godse ki aguvaai me kiya gya. Ye sabhi log isme shamil the.
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Delhi me Mahatma Gandhi jis Birla House me thahre huve the, us Birla House pr in logo ne bomb feka tha. Lekin is hamle me Gandhi Ji bach gye the. Chuki pure desh me dange ho rhe the. Gandhi Ji ne in dango ko shant karne ka bida uthaya. Kolkata me dango ko shant karne ke baad Gandhi Ji ne Panjab me ho rhe bade bhari dange ko kaabu karne ke liye vha jane ka faisla liya. Kyuki Panjab me dango ke kaaran sabse jyada logo ki maut ho rhi thi. Lekin Delhi me haalaata aur bhi kharab the, isliye Gandhi  Ji ne Delhi me rukne ka nirnay liya. Kolkata me dango ko shant karne ke baad Delhi ke Birla House me thahre Gandhi Ji ka ye prayas bhi rang laya aur unhone Delhi me ho rhe dango pr kaafi hadd tak kaabu paa liya.

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Idhar 27 January 1948 ko, din me 12 baje Nathuram Godse aur Narayan Apte, Mumbai se Delhi ki flight pakadte hai aur Delhi pahuch jate hai.Ab dono taxi pakad kar Delhi Airport se Old Delhi pahuch jate hai. Yaha in dono ki mulakat Vishnu Karkare se hoti hai. Nathuram Godse ne Vishnu Karkare ko pahle se ek kaam diya hua tha aur vo kaam tha kahi se Pistaul (gun) arrange karna. Lekin Vishnu Karkare se ye kaam ho na ska. In logo ne gun ke liye kaafi logo se contact kiya lekin ve apne liye kahi se gun arrange nhi kar ske. Finally Godse ko apne ek purane mitra ki yaad aai. Jo Peshe se Doctor tha aur Gwalior me rehta tha. Ab Godse aur Narayan Apte usi din Gwalior ke liye nikal pade. Vaha unhone apne ek purane mitra aur Homeopathic Doctor Dattatraya Parchure ki madad se kahi se ek gun ka arrangement ki. Ye gun 1934 me Italy me menufacture hui thi. Sath hi gun ke sath 20 goliya bhi unko mili.
Gun lekar Nathuram Godse aur Narayan Apte vapas Delhi nikal jate hai. Yaha Vishnu Karkare ne Old Delhi Railway Station ke guest room me 6 no. ka room pahle hi book kiya hua tha. yaha fir se Narayan Apte, Nathuram Godse aur Vishnu Karkare,
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Mahatma Gandhi ke murder ki planning me jut gye. Ab unko ye bhi check karna tha ki ye gun chalu hai bhi ya nahi. Gun ko check karne ke liye ve tino Delhi me hi Birla Mandir  ke pichhe sunsaan jungle me gye aur vha unhone gun chalakar dekhi aur practice bhi kari. Iske baad tino bahut khush huve. 29 January 1948 ko inke dwara tay hua ki kal yaani 30 January 1948 ko hum Gandhi Ji ko mar denge. Gandhi Ji Birla House ke park me sham 5 baje hmesha Prarthna Sabha karne jate the. Unko vhi pr marne ki planing hui. Lekin security kaafi tiet hone ke kaaran yah samjh nhi aa rha tha ki aakhir gun ko adar kaise le jaya jaye. Aise me Godse ke liye ek alag dress kharidi gai. Jisme gun ko chhupaya ja ske.
29 January 1948 ko Vishnu Karkare aur Narayan Apte ko dar ke maare nind nhi aa rhi thi ki kahi kal hum sab pakde nahi jaaye. Lekin Godse ne us raat chain ki nind li. Isi bich me Apte aur karkare dar ko khatm karne ke liye paas hi ke cinema me movie
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dekhne chale gye. Aur late night vapas aakar so gye. Agle din planning me according Birla House jane ka samay hua. Birla House jane ke pahle Godse ne apni antim ichha jaahir ki. Us samay Godse ka "Mungfali" khane ka man hua. aaspaas kahi mungfali nahi mili. Badi mushkil se Godse ke liye mugfali ka intzaam kiya gya. 3 baje ke lagbhag tino Birla House ke liye nikalne ke liye ready huve aur tino aakhri bar ek dusre ke gale mile. Ab Tino taxi se Birla House ki or nikal gye. Birla House jane ke pahle Karke ne Birla House jane ke pahle Birla Mandir jane ki ichha jatai taaki aakhri baar bhagwan ke darshan kar ske. Yaha Gadi rukvaakr Karkare aur Apte Birla Mandir me jate hai lekin Godse ne mandir me jane se inkar kar diya.
Ab Apte aur Karkare jab tak darshan karke mandir se bahar aate hai tab tak sham ke 4:30 baj chuke hote hote hai. Aur inko 5 baje kisi bhi halat me Birla House pahuchna hota hai. Planning ke mutaabik Godse ko Birla House me sabse pahle jana hota hai aur uske thik 5 minut baad Apte aur Karkare ko Birla House me jana hota hai. Hua bhi aisa hi. Godse ne Apte aur Karkare ke aakhri bar namaskar kiya aur kaha ki "Namaskar, thik hai mai chalta hu, ab pata nhi fir kabhi milna ho ya na ho". Aisa kehne ke baad Godse ne fir pichhe palatkar nhi dekha aur kisi tarah Birla House me entry le li. Thik 5 minut baad Apte aur Karkare bhi Birla House me chale gye. Aur Bhid me jaakar Godse  ke dono or khade go gye. Yaha mauzud log roj ki tarah Gandhi Ji ka wait kar rhe the.


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Haalaki Gandhi Ji samay ke bahut paband the. Birla House me daily thik 5 baje Prarthana Sabha me pahuch jate the. Lekin us din thoda late ho gye. Qki us samay Gandhi Ji Birla House me apne room me Sardar Vallabh Bhai Patel se meeting kar rhe the. Aise me Gandhi Ji ko time ka pata hi nhi chala. Kisi tarah unko kisi ne himmat karke ghadi dikhai. Tab Gandhi Ji ko samay ka pata chala. Iske baad Gandhi Ji ne Sardar Vallabh Bhai Patel se kaha ki "Ab Ishwar se milne ka samay ho gya hai ab mujhe jana hoga". Aisa kehkar unhone meeting khatm kari aur Prarthana Sabha ke liye nikal gye. [Ishwar se milne ka samay aa gya hai yaani Prarthna ka samay ho chuka hai.]
Ab Gandhi Ji logo ki bhid me pahuch chuke the. Aur Jaise Jaise ve aage bad rhe the Nathuram Godse, Narayan Apte aur Vishnu karkare tino ke tino kaafi ghabra rhe the. Aise me jaise hi Gandhi Ji, Nathuram Godse ke karib pahuche, pahle to Godse  ne Gandhi Ji ko Hath Jodkar abhivaadan kiya. 
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Godse ne pahle hi soch liya tha ki Gandhi Ji ne desh ke liye jo bhi sangharsh aur sewa ki pahle to uske liye Gandhi Ji ko hath jodkar naman karna hai aur aisa Godse ne kiya bhi. Gandhi Ji chalkar jab Godse  se sirf 3 kadam dur reh gye the tab Godse ne achanak Gandhi Ji ke samne aakar, Gandhi Ji ke aage jhuk kar hath jode. Aise me Gandhi Ji ke sath chal rahi Manu ko lga ki Godse, Mahatma Gandhi ke pair chunaa chahta hai. Aise me Manu ne Godse ko hath lagakar thoda side ho jane ko kaha. Usi samay Godse ne apne left hand se Manu ko ek taraf dhakka de diye aur apni kamar se apni gun nikaal kar Gandhi Ji pr taan di. Aur lagaatar 3 goliya chala di. Kisi ko kuchh smjh nhi aaya. Gandhi Ji vhi pr niche gir gye aur unke muh se sirf 2 shabd nikle "Hey Ram". Itna kehkar Gandhi Ji ne apne Praan Tyaag diye. Is samay Gandhi Ji ki kamar me latak rhi ghadi me sham ke 5:17 baj rhe the. 

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Gandhi Ji ko goli marne ke baad Godse ko vhi se giraftaar kar liya gya. Baad me Apte aur karkare ko bhi giraftaar kar liya gya. Gandhi Ji ko marne ki planning ke liye 8 logo par case darj kiya gya.
  1. Nathuram Godse
  2. Narayan Apte
  3. Vishnu Karkare
  4. Veer Savarkar
  5. Gopal Godse
  6. Dr. Parchure
  7. Madanlal
  8. Digambar Badge ka Naukar
Khud Digambar Badge ek sarkari gavaah ban gya. Lal Kile ko lagai gai ek vishesh adaalat ne 10 February 1949 ko apna faisla sunaya. 8 Aaropiyo me se 7 logo ko saza sunai gai. Lekin Subut ke abhaav me Veer Savarkar ko bari kar diya gya. Nathuram Godse aur Narayan Apte ko Faasi ki saza sunai gai jabki Vishnu Karkare, Madanlal, Gopal Godse, Dr. Parchure aur Badge ke Naukar ko Aazanm karawas ki saza mili. Baad me Uchh Nyayalay me apeal karne par Dr. Parchure aur Badge ke naukar ko riha kar diya gya.
15 November 1949 ki subah Ambala ki jail me Nathuram Godse aur Narayan Apte ko faasi de di gai.
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